केरल में मुख्यमंत्री चेहरे पर सस्पेंस बरकरार, कांग्रेस आलाकमान आज दिल्ली में करेगा मंथन—खरगे के आवास पर अहम बैठक

नई दिल्ली: केरल विधानसभा चुनाव के नतीजे आए आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन जीत के बावजूद कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर फैसला नहीं कर पाई है। राज्य में सीएम कौन बनेगा, इस पर सस्पेंस लगातार बना हुआ है। इसी बीच मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस की अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें अंतिम निर्णय की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

खरगे के आवास पर होगी अहम चर्चा
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें केरल के वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी केरल के प्रमुख नेताओं से अलग-अलग मुलाकात कर सकते हैं। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं।

सीएम चेहरे पर आलाकमान लेगा राय
केरल में मुख्यमंत्री पद के चयन को लेकर कांग्रेस आलाकमान सभी प्रमुख नेताओं से राय ले रहा है। पार्टी के पूर्व और कार्यकारी प्रदेश अध्यक्षों को भी इस चर्चा में शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि तीन प्रमुख नामों में से किसी एक पर अंतिम मुहर लगाई जा सकती है, हालांकि किसी चौंकाने वाले नाम की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।

दिल्ली पहुंचे कई वरिष्ठ नेता
इस बैठक में शामिल होने के लिए के. मुरलीधरन और अन्य वरिष्ठ नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं। इसके अलावा केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है। इनमें के. सुधाकरन, एमएम हसन, वीएम सुधीरन और मुल्लापल्ली रामचंद्रन जैसे नाम शामिल हैं।

अनुभवी नेताओं से भी की जाएगी चर्चा
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी से भी इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। एंटनी पहले भी केरल कांग्रेस नेतृत्व में अहम भूमिका निभा चुके हैं और उनके सुझाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इन तीन नामों की चर्चा सबसे आगे
सीएम पद की रेस में कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं। पार्टी नेतृत्व अगले एक-दो दिनों में अंतिम फैसला लेने की कोशिश में है।

पहले भी देरी से हुआ है सीएम चयन
यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस को किसी राज्य में चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री तय करने में समय लग रहा है। इससे पहले कर्नाटक, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी लंबी बैठकों और चर्चाओं के बाद ही मुख्यमंत्री का चयन किया गया था।


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